सर्वनाम:
जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा शब्द के स्थान पर किया
जाता है उन्हें सर्वनाम करते हैं सर्वनाम संज्ञा की पुनरावृत्ति को रोकते हैं
सर्वनाम के भेद
1) पुरुषवाचक सर्वनाम: जो सर बोलने वाले सुनने वाले तथा जिन के विषय में बात की जाए
उस का बोध कराते हैं . वे पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाते हैं
जैसे,
बोलने वाले- मैं, मुझे, हम, हमें
सुनने वाले- तू, तुम, तुमको, तुमसे, आप
जिसे के विषय में बात की जाए- वह, यह, उसे, उससे, उनको, उनके लिए
उदाहरण,
1) मैं अंग्रेजी माध्यम मैं पढ़ने लगी
2) वह मेरी सहेली है
3) तुम ही मेरे राज्य की सच्ची उत्तराधिकारी हो
2) निश्चयवाचक सर्वनाम: जिस शब्द से किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु, या स्थान को बोध होता
है उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं.
जैसे,
1) तुम्हारी कुल्हाड़ी वह है
2) इससे आज की रोटी का इंतजाम हो जाएगा
3) अनिश्चयवाचक सर्वनाम: जीना सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति वस्तु या स्थान का
बोध ना हो उन्हें अनिश्चय वाचक सर्वनाम कहते हैं
जैसे,
1) बाहर कोई है
2) मां कुछ खाने को दो
4) निजवाचक सर्वनाम: जो सर्वनाम शब्द अपने पन का बोध कराते हैं
उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं
जैसे,
1) मैं अपने आप खाना ले लूंगा
2) तुम्हें अपना काम स्वयं करना चाहिए
5) प्रश्नवाचक सर्वनाम:
जो सर्वनाम शब्द किसी प्रश्न का बोध कराते हैं उन्हें प्रश्नवाचक
सर्वनाम कहते हैं
जैसे,
1) अंदर कौन है?
2) मां क्या कर रही हो?
6) संबंधवाचक सर्वनाम: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम का किसी अन्य संज्ञा या सर्वनाम
शब्द के साथ संबंध स्पष्ट करते हैं उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं
जैसे,
1) जो जीतेगा उसे इनाम मिलेगा
2) जिसने यह गेहूं के दाने मुझे 5 साल बाद दिए तो मैं उन्हें इनाम दूंगा
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